दहेज- मानवता पर कलंक


समाज को समय समय पर अनेक सामाजिक कुरीतियों का सामना करना पड़ा जैसे सती प्रथा, बाल-विवाह आदि ।
परन्तु समाज-सुधारकों ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के लिए अपना सर्वस्व जीवन न्यौछावर कर दिया और उनके इस बलिदान की वजह से आज समाज सुखी हैं।
           

आज आधुनिकता के युग मे एक शिक्षित समाज एक भयंकर कुप्रथा का शिकार हो गया हैं और जो समाज को एक दीमक की तरह दिनों दिन खोखला करती जा रही है वो हैं -दहेज।
आज इस दहेज रूपी दानव का सबसे बड़ा दंश मासूम बेटियों को झेलनी पड़ रहा है इसी दहेज रूपी दानव की वजह से हर वर्ष न जाने कितनी मासुम बेटियों को इस दहेज की आग में जला दिया जाता हैं।

आज जहाँ समाज इस दहेज रुपी दानव से त्रस्त हैं ऐसे समय मे एक समाज सुधारक के रूप में पूर्ण संत अवतरित हुए है जिन्होंने अपने आध्यात्मिक ज्ञान से समाज को नई राह दिखाई हैं 
वो हैं- Saint Rampal Maharaj.
वर्तमान में इनके आद्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर लाखो लोगो ने दहेज रूपी कुप्रथा को त्याग दिया जिससे समाज को जीने की एक नई राह मिली हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखे संत रामपाल जी महाराज जी के मंगल प्रवचन साधना टीवी शाम 7:30 बजे

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